वक़्त
वक़्त ने मुझे चलना सिखाया, वक़्त ने मुझे उठना सिखाया।
खुशियाँ दीं मेरे आँचल में, और कुछ ग़मों को भी मैंने अपनाया।
हालात हर वक़्त सही नहीं थे मेरे, फिर भी उनसे लड़कर बढ़ना सिखाया।
ज़िंदगी किश्तों में एक दौर लेकर आती है, आज एक और दौर का अंत हो रहा है।
मुड़कर देखा तो काफी विरासत है मेरे पास, लोग पैसों से जोड़ते हैं, पर मैंने यादें समेटी हैं।
आने वाले वक़्त का इंतज़ार है मुझे, बस इतना पता है कि अब हिम्मत काफी जुटा ली है मैंने।