मैं वापस आऊंगा - मेरी ज़ुबानी
दिल में दबी हुई कुछ बातों को, मैं बया ना कर सका।
नज़्म मेरे चाहत की, मैं तुझे सुना न सका |
ज़सबातो को बयान करने का हौसला में बटोर ना सका |
वक़्त ने जब सब बदल दिया, तब में बेसहारा बन के रह गया |
चंद लोगो की नफ़रत से, में अपनी मोहब्बत को भूल गया|
ज़मीन पर बनी लकीरो ने, हमारे दिलो को जुदा कर दिया |
जिंदगी के आखिरी पल में, तुझसे मैं रूबरू हो ना सका |